श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में बंटने वाले रोट के बनाने की तिथि और इसकी गुणवत्ता की अवधि पड़ेगी दर्शानी

हमीरपुर । प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में प्रसाद के रूप में वितरित होने वाले रोट का सैंपल फेल होने के पश्चात प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है । इस बारे जिलाधीश एवं मंदिर के आयुक्त अमरजीत सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।
बुधवार को जिलाधीश हमीरपुर की अध्यक्षता में इन अधिकारियों तथा दियोटसिद्ध बाजार के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिलाधीश ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले रोट और प्रसाद की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रसाद और रोट की गुणवता सुनिश्चित करने के लिए रोट के बनाने की तिथि और इसकी गुणवत्ता की अवधि दर्शाये जाने को अत्यंत आवश्यक बताया । अब खाद्य सुरक्षा कानून और लैब की रिपोर्ट के आधार पर ही रोट की गुणवत्ता की अवधि तय करना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियो को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने के निर्देश जारी करने के साथ साथ उन्हें दियोटसिद्ध के व्यापारियों हेतु आगामी 26 नवंबर को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए ।
बैठक में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने विस्तृत जानकारी साझा की । इस अवसर पर व्यापार मंडल दियोटसिद्ध के उपप्रधान ऋषि गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मधु बाला और अन्य अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
बैठक में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने विस्तृत जानकारी साझा की । इस अवसर पर व्यापार मंडल दियोटसिद्ध के उपप्रधान ऋषि गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मधु बाला और अन्य अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।




